मैंने ही क्या किया किसी की लट उलझी सुलझाने को !
क्यों कोई जुल्फें बिखराता , मेरी धूप बचाने को !!
बांध बनाकर ये जलधारा जिसने साधी नहीं कभी !
दौनों हाथ जोड़कर जिसने , अँजुरी बाँधी नहीं कभी !
कोई नदिया रुकी नहीं है , उसकी प्यास बुझाने को !!
क्यों कोई जुल्फें बिखराता मेरी धूप बचाने को !!
जो लगते थे नमन प्रीत के , वो गरदन की अकड़न थी !
उसके मन में नृत्य नहीं था और पांव में जकड़न थी !
मैं पागल था जिद कर बैठा पायलिया गढ़वाने को !!
क्यों कोई जुल्फें बिखराता, मेरी धूप बचाने को !!
अहंकार से ऊपर उठकर ,अपनी आँखें खोलो तो !
जिसे तपस्या समझ रहे हो उसको ज़रा टटोलो तो !
वहां छुपी है 'चाह' अप्सरा आई नहीं रिझाने को !!
क्यों कोई जुल्फें बिखराता, मेरी धूप बचाने को !!
उसकी आँखों के आँसू से , अपने नयन भिगो न सके !
कभी विरह में या कि मिलन में, लिपट लिपट कर रो न सके !
बस लालायित रहे हमेशा, हम एहसान जताने को !!
क्यों कोई जुल्फें बिखराता, मेरी धूप बचाने को !!
' प्यार' हमारी अभिलाषाओं का विस्तार नहीं तो क्या है ?
तू मुझको दे ,मैं तुझको दूं , यह व्यापार नहीं तो क्या है ?
हमने प्रेम किया भी तो केवल सम्बन्ध भुनाने को !!
क्यों कोई जुल्फें बिखराता, मेरी धूप बचाने को !!
© 2008 lalit mohan trivedi All Rights Reserved
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15 टिप्पणियाँ:
bahut khoob
गज़ब लिखा है भाई....
एकदम सटीक. वाकई बहुत खूब ललित भाई
दिल की बात जुबा पर आ ही जाती है
etips-blog.blogspot.com
उसकी आँखों के आँसू से , अपने नयन भिगो न सके !
कभी विरह में या कि मिलन में, लिपट लिपट कर रो न सके !
०-बहुत उम्दा!
bahut achha laga pad kar bahut khub
http://kavyawani.blogspot.com/
waah badhiya gazal
bahut hi badhiyaa
' प्यार' हमारी अभिलाषाओं का विस्तार नहीं तो क्या है ?
तू मुझको दे ,मैं तुझको दूं , यह व्यापार नहीं तो क्या है ?
वाह...क्या बात कही....
भावुक प्रवाहमयी...बहुत ही सुन्दर गीत...
उसकी आँखों के आँसू से , अपने नयन भिगो न सके !
कभी विरह में या कि मिलन में, लिपट लिपट कर रो न सके !
Wah ,kya banagi hai ,ravani ke saath saath.
Aajkal khoye-khoye hai ,kyon,fursat nahi nikal paa rahe hamare liye.
saader
bhoopendra
interesting blog, i will visit ur blog very often, hope u go for this website to increase visitor.Happy Blogging!!!
so b'ful!
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सुंदर अभिव्यक्ति.
a very b'ful gazal....... ur 'about me' is also b'ful.
"Bikhare Sitare" pe aapki tippanee ke liye aapki shukr guzaar hun..safar me saath rahe..'In sitaron se aage 3" me zaroor padhen!
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